अमेरिका : वर्ष 1971 से लापता विमान का मलबा वर्मोन्ट की चैम्पलेन झील में मिला

अमेरिका : वर्ष 1971 से लापता विमान का मलबा वर्मोन्ट की चैम्पलेन झील में मिला...

अमेरिका : वर्ष 1971 से लापता विमान का मलबा वर्मोन्ट की चैम्पलेन झील में मिला

अमेरिका : वर्ष 1971 से लापता विमान का मलबा वर्मोन्ट की चैम्पलेन झील में मिला

अमेरिका यूक्रेन को एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली भेजेगा

यूएसआईएसपीएफ ने प्रधानमंत्री मोदी को तीसरे कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी

वर्मोन्ट/वाशिंगटन
वर्मोंन्ट में 53 वर्ष पहले पांच लोगों को ले जा रहा एक निजी विमान लापता हो गया था, जिसका मलबा चैम्पलेन झील से बरामद किया गया है। विशेषज्ञों ने यह जानकारी दी।

यह वाणिज्यिक विमान 27 जनवरी 1971 को बर्लिंगटन हवाई अड्डे से रोड आइलैंड के प्रोविडेंस के लिए उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद लापता हो गया था। विमान में जॉर्जिया विकास कंपनी कजन प्रॉपर्टीज के तीन कर्मचारी और चालक दल के दो सदस्य सवार थे। कंपनी के कर्मचारी बर्लिंगटन में एक विकास परियोजना पर काम कर रहे थे।

शुरुआत में जब खोज की गयी तो 10 सीट वाले इस विमान का मलबा नहीं मिला और विमान के लापता होने के बाद चार दिनों तक झील जमी रही। विमान का पता लगाने के लिए कम से कम 17 बार खोज अभियान चलाया गया।

खोजकर्ता गैरी कोजाक और एक टीम ने पिछले महीने पानी के भीतर एक रिमोट से संचालित वाहन का उपयोग कर झील में उसी जगह विमान का मलबा पाया, जहां रेडियो कंट्रोल टॉवर ने विमान के लापता होने से पहले उसे आखिरी बार ट्रैक किया था।

जूनिपर द्वीप के निकट 200 फुट (60 मीटर) पानी में मिले विमान के मलबे की सोनार तस्वीरें ली गईं।

कोजाक ने सोमवार को कहा, ”इन सभी सबूतों के साथ, हम 99 फीसदी पूरी तरह से आश्वस्त हो चुके हैं।” उन्होंने कहा कि विमान का मलबा मिलने से पीड़ित लोगों के परिवारों को थोड़ी राहत और उनके कई सवालों के जवाब मिलेंगे।

पायलट जॉर्ज निकिता की संबंधी बारबरा निकिता ने मंगलवार को ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ से एक साक्षात्कार में कहा, ”विमान का मलबा मिलना एक सुखद अहसास है लेकिन यह उतना ही दिल को झकझोर कर रख देने वाला अहसास भी है| हम जानते हैं कि क्या हुआ था। हमने कुछ तस्वीरें देखी हैं।”

अमेरिका यूक्रेन को एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली भेजेगा

रूस के शक्तिशाली हमलों से जूझ रहे उत्तरपूर्वी खार्किव क्षेत्र में जवाबी हमलों के लिए हवाई सुरक्षा संबंधी मदद मांग रहे यूक्रेन को अमेरिका एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली देगा। दो अमेरिकी अधिकारियों ने  यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। अमेरिका की ओर से यूक्रेन को दी जाने वाली यह दूसरी पैट्रियट प्रणाली होगी।

इस निर्णय की हालांकि सार्वजनिक रूप से घोषणा नहीं की गई है। इस निर्णय के बारे में सबसे पहले ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने खबर दी है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पिछले महीने के अंत में अमेरिका से पैट्रियट प्रणाली मांगी थी।

मिसाइल प्रणाली भेजने का यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिका, यूरोप और अन्य देशों के रक्षा विभाग से जुड़े नेता यूक्रेन की सुरक्षा आवश्यकताओं पर अपनी मासिक बैठक की तैयारी में जुटे हैं।

अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन बृहस्पतिवार को ब्रसेल्स में बैठक की मेजबानी करेंगे।

 यूएसआईएसपीएफ ने प्रधानमंत्री मोदी को तीसरे कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी

नरेन्द्र मोदी को लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई देते हुए अमेरिका के एक प्रमुख भारत-केंद्रित व्यापार समूह ने मंगलवार को कहा कि मंत्रियों को सौंपे गये नये विभागों से ऐसा प्रतीत होता है कि नीति और सुधार एजेंडा पहले की तरह ही जारी रहने वाला है।

मोदी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की अगुवाई करते हुए रिकॉर्ड तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।

‘यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम’ (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश अघी ने शपथ ग्रहण समारोह के एक दिन बाद कहा, ”मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने और राजग सरकार का नेतृत्व करने पर बधाई देता हूं।”

उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के कुछ ही दिनों के भीतर शपथ ग्रहण से ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार जल्द ही काम शुरू करने वाली है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार होने के बावजूद, जिस तरह से विभागों का बंटवारा किया गया है, उससे यह स्पष्ट होता है कि नीति और सुधार एजेंडा पहले की तरह ही दजारी रहने वाला है।

उन्होंने कहा, ”इससे न केवल निवेशकों का डर कम होगा बल्कि उनमें निवेश की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।”